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चिकन व्यापारी ने स्वास्थ्य निरीक्षक को दी धमकी- अगर मुर्गें-मुर्गियों को हाथ लगाया तो जान से मार दूंगा
उज्जैन । नगर निगम की गैंग के साथ शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने पहुंचे स्वास्थ्य निरीक्षक सोहन पिता कालू सिंह बघेल को मक्सी रोड पर चिकन व्यापारी धर्मेंद्र पिता किशन लाल परमार निवासी मोहनपुरा ने जान से मारने की धौंस दे दी। परमार ने पहले तो अफसरों से व गैंग कर्मियों से जमकर कहासुनी की। बाद में जब सख्ती से उसका अतिक्रमण हटाया जाने लगा तो वह तैश में आ गया और स्वास्थ्य निरीक्षक की काॅलर पकड़कर बोला कि यदि मेरे मुर्गें-मुर्गियों व सामान को हाथ लगाया तो चाकू घुसेड़ कर जान से मार दूंगा। उनकी धौंस सुनकर अपर आयुक्त विशाल सिंह चौहान के इशारे पर पुलिसकर्मियों ने उसे हिरासत में ले लिया। इधर शाम को स्वास्थ्य निरीक्षक सिंह की लिखित शिकायत पर चिनमगंज थाना पुलिस ने चिकन व्यापारी परमार के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने व जान से मारने की धौंस देने सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। गैंग ने दोपहर में करीब दो घंटे की कार्रवाई में मक्सी रोड के अलावा पांड्याखेड़ी से भी 15 गुमटियां हटाया इन्हें क्षतिग्रस्त भी किया। अधिकतर गुमटियां मांस/चिकन व मुर्गें-मुर्गी व अंडों की ही थी।
परेशान होते रहे मुर्गें-मुर्गी जब्त करने में: गैंगकर्मियों लिए इन व्यापारियों के यहां कार्रवाई करना परेशानीभरा ही रहा क्योंकि अधिकतर गुमटियों में मुर्गें-मुर्गी थे। बाकी सामान तो गैंगकर्मी जब्त कर ट्राली में भर रहे थे लेकिन मुर्गें-मुर्गियों को को जब्त कर वे कहां ले जाते। लिहाजा अपर आयुक्त चौहान के निर्देश पर चालानी कार्रवाई कर व्यापारियों के मुर्गें-मुर्गी छोड़ना तय हुआ था और स्वास्थ्य निरीक्षक सिंह उसी की रसीद काट रहे थे, तभी उन्हें धौंस दे दी गई। इस पर अफसरों ने भी बाद में चालान काटने की बजाय जब्ती की ही कार्रवाई करना तय किया। गैंग प्रभारी मोनू थनवार के अनुसार कुछ मुर्गें-मुर्गी तो जंगल में छोड़ दिए हैं कुछ जब्त सामान के साथ रखे हैं।